धोनी के कारण इस बल्लेबाज की नही बनीं टीम में जगह, जिसके चलते क्रिकेट के सभी प्रारूपों को कहा अलविदा

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इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व विकेट कीपर और बल्लेबाज नमन ओझा (Naman Ojha) ने 15 फरवरी सोमवार को क्रिकेट से अलविदा कर दिया है। क्रिकेट से सन्यास की घोषणा करते समय ओझा की आंखे नम थी। जैसे ही नमन ओझा ने क्रिकेट से सन्यास को लेकर बोलना शुरू किया उनकी जुबान और शब्द लड़खड़ा रहे थे। रूंधे गले से मोबाइल में लिखा हुआ अपना बयान भी नमन ओझा सही से नही पढ़ पा रहे थे।  नमन ओझा ने अपनी भावुकता को संभाला और अपनी औपचारिकताएं निभाई। क्रिकेट से सन्यास की घोषणा करते समय नमन ओझा बोले कि मै क्रिकेट के सभी प्रारूपों से सन्यास ले रहा हूं।  यह एक लंबा सफर था और राज्य एवं नेशनल टीम का प्रतिनिधित्व करने का मेरा सपना पूरा हुआ।

ओझा अपने सन्यास (Naman Ojha Retirement)  की घोषणा के दौरान बोले कि मै मध्य प्रदेश राज्य और नेशनल टीम में मुझे खेलने का मौका देने के लिए मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ (MPCA) एवं भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI)  का शुक्रिया अदा करता हूं। नमन ओझा द्वारा रणजी में सर्वाधिक शिकार किए गए है। इसके साथ ही घोषणा के दौरान ओझा बोले कि मै अपने करियर के दौरान मेरे करियर को सपोर्ट करने के लिए एमपीसी (MPCA), बीसीसीआई (BCCI) एवं अपने साथी खिलाड़ियों एवं कोचों और अपने दोस्तों और परिवार के लोगों का भी शुक्रिया अदा करना चाहुंगा।

भारतीय टीम के पूर्व विकेट कीपर द्वारा बताया गया कि मेरे पीठ में दर्द की समस्या बनी रहती है, ऐसे में मुझे लंबे प्रारूपों में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसका एक और मुख्य कारण यह भी है कि यदि मै किसी टीम से जुड़ता भी हूं तो मुझे लगभग छः महीने तक टीम के साथ रहना होगा और  मैं चाहता हूं कि अब मैं अपने परिवार के लोगों के मध्य अपना समय गुजारूं। विकेट कीपर के तौर पर रणजी ट्राफी में सबसे ज्यादा शिकार 351 का रिकार्ड नमन ओझा के नाम है।

2000-2001 सत्र से महज 17 वर्ष की आयु से घरेलू क्रिकेट में मध्यप्रदेश राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले नमन ओझा के लिए पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के समय भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए अधिक मौके मिलना मुश्किल हो गया नमन ओझा को वर्ष 2010 में श्रीलंका के विरूद्ध वनडे एवं जिम्बाम्बे के विरूद्ध  टी-20 में लास्ट बार खेलने को मिला था। बात की जाए नमन ओझा के परफार्मेंस की तो नमन ने घरेलू और आईपीएल दोनों में उम्दा प्रदर्शन दिखाया था इसके बावजूद भी नमन ओझा को भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में कोई मौका नही दिया गया था। इंडिया ए के साथ नमन ओझा ने वर्ष 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे में बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया था। वर्ष 2015 में ओझा को भारत की टेस्ट टीम में चुना गया। इसके बाद श्रीलंका के दौरे में ओझा को डेब्यू का मौका दिया गया था। जिसमें ओझा ने श्रीलंका दौरे में अपने पहले टेस्ट के दौरान पहली पारी में 21 एवं दूसरी पारी में 35 रनों का योगदान दिया था।

नमन ओझा ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 41.67 की औसत से 143 मैचों में 9753 रन बनाएं है। इसके साथ ही विकेट के पीछे 54 स्टंपिंग सहित 471 शिकार किए। 

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